दीवाली में गणेश लक्ष्मी पूजा के लिए मूर्तियाँ खरीदे-80% तक की भारी छूट

दीवाली में गणेश लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है?

भारत मुख्यतः हिन्दुओ का देश है और हिन्दू धर्म में बहुत सारे त्यौहार है वैसे तो सभी त्यौहार महत्वपूर्ण होते है परन्तु हिन्दुओ में दीवाली एक सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है| यह कार्तिक मॉस की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है| शाम में इस त्यौहार की सबसे महत्वपूर्ण गणेश लक्ष्मी पूजा, गणेश लक्ष्मी की नयी मूर्तियों के साथ की जाती है और अगले दिन इन  मूर्तियों का विसर्जन कर दिया जाता है| तो इस प्रकार इस त्यौहार में गणेश लक्ष्मी पूजा बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि जैसा की हम सभी जानते है लक्ष्मी माता धन की देवी है और उनकी कृपा से ही हमें धन लाभ होता है| इस प्रकार यह हर तरह के व्यवसाय के लोगो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है चाहे वो नौकरी वाला हो, व्यापारी हो, ग्रहस्थ हो सभी के लिए गणेश लक्ष्मी पूजा सभी के लिए  बहुत ही महत्वपूर्ण है|

गणेश लक्ष्मी पूजा के लिए मूर्तियाँ कहा से खरीदें?

वैसे तो आप गणेश लक्ष्मी पूजा के लिए मूर्तियाँ बाहर मार्केट से जाकर भी खरीद सकते है| परन्तु वहां आपको वो बेहतर डील नहीं मिल पायेगी जो हम आपको ऑनलाइन शोपिंग पर दे रहे है| जी हा इस दीवाली खरीदिये अपने मन पसंद गणेश लक्ष्मी की मूर्तियाँ वो भी बेहतर बचत के साथ क्यूंकि हम लाये है इस दीवाली खास आपके लिए महा बचत ऑफर खरीदिये गणेश लक्ष्मी की मूर्तियाँ 80% तक के भारी छूट के साथ और बनाइये इस दीवाली को कुछ ख़ास| नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और पाएँ बेहतर डील|

लक्ष्मी pooja

[wpcd_code id=7614]

लक्ष्मी जी का उद्गम और इतिहास

धन की देवी लक्ष्मी को संरक्षक विष्णु की पत्नी के रूप में जाना जाता है। वह बहुलता की शक्ति और भाग्य की देवी है, जो दोनों के संरक्षण के लिए आवश्यक हैं। पुराणों के अनुसार, वह ऋषि भृगु और उसकी पत्नी ख्याति की बेटी का रूप अवतार था। वह बाद में साढ़े सागर (दूध के सागर) से पैदा हुई थी, जब समूद्र मंथन के दौरान मंथन किया गया था। विष्णु की पत्नी के रूप में, वह कई बार अवतार लेती हैं| जब विष्णु वामन, परशुराम, राम, कृष्णा के रूप में प्रकट हुए, तो उन्हें क्रमशः पद्म या कमला, धरानी, ​​सीता और रुक्मिणी के रूप में दिखाया गया। वह विष्णु से अविभाज्य है क्योंकि वह अर्थ से ज्ञान या बुद्धि से ज्ञान या धार्मिकता से अच्छे कर्मों के बारे में है।

देवी लक्ष्मी आनंदमय रूप से खूबसूरत हैं, और अपने प्रत्येक हाथ में एक कमल पकडे हुए कमल पर खड़ी हैं और उन्हें पद्मा या कमला कहते हैं। वह भी एक कमल माला के साथ सजी है। अक्सर इनके दोनों तरफ हाथियों को दिखाया जाता है|

लक्ष्मी गणेश

लक्ष्मी गणेश पूजा का वर्णन

भगवान विष्णु के साथ में देवी लक्ष्मी को दो हाथों से ही दिखाया गया है। जब एक मंदिर में पूजा की जाती है, तो उन्हें कमल सिंहासन पर बैठे दिखाया जाता है, जिसमें चार हाथों में पदमा, शंका, अमृत कल्श और बिल्वा फल होते हैं। उनके चार हाथ उनकी शक्ति (मानव जीवन का उद्देश्य) – धर्म (धर्म), अर्थ (धन), काम (शारीरिक सुख), मोक्ष (बीटिट्यूड) को दर्शाते हैं।

लक्ष्मी वंदन मंत्र

सर्वमंगल मांगलये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरणये त्रयम्बके देवी नारायणी नमोस्तुते ।

गणेश वंदना मंत्र

सर्वमंगल मांगलये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरणये त्रयम्बके देवी नारायणी नमोस्तुते ।

मूर्तियाँ खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.